👉 अलविदा जुमे की नमाज में काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, फिलिस्तीन के मुसलमानों के लिए मांगी गई दुआ
कैराना (शामली)। नगर की प्रमुख जामा मस्जिद में पवित्र रमजान के अलविदा जुमे की नमाज के दौरान अकीदतमंदों ने वक्फ संशोधन विधेयक का काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। मौलाना ताहिर हसन ने कहा कि मुल्क के हालात नाजुक है, इसलिए मुसलमानों को अपने आमाल सुधारने की जरूरत है। नमाज के उपरांत फिलिस्तीन के मुसलमानों के लिए विशेष दुआ मांगी गई।
शुक्रवार को नगर की प्राचीन जामा मस्जिद में इमाम मौलाना ताहिर ने पवित्र रमजान के अलविदा जुमे की नमाज अदा कराई। यहां आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर अकीदतमंद काफी संख्या में काली पट्टी बांधकर आए हुए थे। नमाज अदा करने से पूर्व मौलाना ताहिर हसन ने संबोधन में कहा कि देश के हालात ठीक नहीं चल रहे हैं। मुसलमानों के सामने मुश्किल हालात है। उन्होंने कहा कि हमें यानी मुसलमानों को अपने आमाल दुरुस्त करने चाहिए, अन्यथा भविष्य में हालात और भी बिगड़ने की संभावना हैं।
मौलाना ताहिर हसन ने आगे कहा कि अलग-अलग राज्यों के हालात सभी के सामने हैं। उत्तराखंड में लगभग 100 मदरसों को बंद कराया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे आमाल सही नहीं होंगे, तो बुरे हाकिम हमारे ऊपर मुसल्लत होते रहेंगे। इसलिए, अपने आमाल दुरुस्त करने की आवश्यकता है।
मौलाना ताहिर हसन ने कहा कि सदकातुल फित्र भी ईद की नमाज से पहले ही अदा करें। परिवार के प्रत्येक सदस्य के हिसाब से पौने दो किलो अनाज अथवा 55 रुपये जरूरतमंदों को देने हैं, ताकि जरूरतमंद भी ईद की खुशियों में शामिल हो सके।
उन्होंने कहा कि पूर्व में ईद की नमाज सड़कों पर भी अदा की जाती थी, लेकिन अब सख्त गाइडलाइन हैं। इसलिए, ईदगाह के अंदर ही नमाज अदा करें। इसके अलावा प्रमुख मस्जिदों में भी ईद की नमाज अदा की जा सकती है। मौलाना ताहिर हसन ने नमाज अदा कराने के बाद दुआ कराई। इस दौरान फिलिस्तीन के मुसलमानों और मस्जिद अक्सा की हिफाजत के लिए भी विशेष दुआ मांगी गई।
मौलाना ताहिर हसन ने बताया कि ईदगाह में ईद की नमाज सुबह 07:15 बजे और जामा मस्जिद में सुबह 07:45 बजे अदा की जाएगी। जामा मस्जिद के बाहर प्रशिक्षणाधीन सीओ व कोतवाली कैराना प्रभारी निरीक्षक बिजेंद्र सिंह रावत पुलिस एवं पीएसी के जवानों के साथ तैनात रहे।
दूसरी ओर, नगर की मस्जिद दरबार वाली, मक्की वाली, पीपलों वाली, ताज खां शहीद वाली, गुली वाली, तालाब वाली, शाहजी वाली, पत्थरों वाली, बीबो वाली, सराय वाली के अलावा अन्य प्रमुख मस्जिदों के साथ-साथ पानीपत रोड स्थित मदरसा इशाआतुल इस्लाम वाली मस्जिद एवं ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख मस्जिदों में भी अकीदत के साथ पवित्र माह-ए-रमजान के अलविदा जुमे की नमाज अदा की गई।
नगर पालिका परिषद कैराना के अध्यक्ष शमशाद अहमद अंसारी व अधिशासी अधिकारी समीर कुमार कश्यप के संयुक्त निर्देशन में जल आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रही, वहीं मस्जिदों के आस-पास विशेष साफ सफाई कराने के साथ ही सडक किनारे कली चुना लगाया गया। उधर, सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस व पीएसी बल तैनात रहा।
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