👉 विपक्षी सांसदों के संशोधन खारिज
👉 सरकार बोली- यह इस्लाम विरोधी नहीं
चर्चा का जवाब देते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि मैं सभी नेताओं को बिल के बारे में अपने विचार रखने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ। कुछ नेता कह रहे हैं कि बिल असंवैधानिक है, और मैं उनसे पूछना चाहता हूँ कि वे कैसे कह सकते हैं कि बिल असंवैधानिक है। अगर यह असंवैधानिक था, तो कोर्ट ने इसे रद्द क्यों नहीं किया? असंवैधानिक जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए... बिल संविधान के खिलाफ नहीं है, जैसा कि विपक्ष ने दावा किया है। हमें 'संवैधानिक' और 'असंवैधानिक' शब्दों का इस्तेमाल इतने हल्के ढंग से नहीं करना चाहिए।
उन्होंने आगे बताया कि एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विभिन्न मुद्दे उठाते हुए आरोप लगाया कि मुसलमानों के लिए वक्फ में मुसलमानों के बच्चों के लिए प्रावधान किया जा रहा है। हिंदुओं के लिए कोई प्रावधान क्यों नहीं किया जा रहा है? मैं उनसे कहना चाहता हूं कि हिंदुओं के लिए पहले से ही प्रावधान है। इस पर कोई दूसरा कानून बनाने की जरूरत नहीं है। सदन में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए शाह ने स्पष्ट किया कि इसके कानून का रूप लेने के बाद इसे पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जाएगा, जबकि (विपक्ष द्वारा) मुस्लिम भाइयों को इस बहाने डराया जा रहा है।
शाह ने कहा, ‘‘यह पैसा जो चोरी होता है, उसे पकड़ने का काम वक्फ बोर्ड करेगा।’’ उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके राज्य में (वक्फ की जमीन के लिए) जो मिलीभगत चल रह रही है वह अब नहीं चलेगी। गृह मंत्री ने कहा, ‘‘वे कहते हैं कि इसका (वक्फ की संपत्ति) हिसाब-किताब न करो, लेकिन इसका पैसा देश के गरीबों के लिए है न कि धन्ना सेठों के चोरी करने के लिए है।’’ शाह ने दावा किया कि विधेयक के कानून का रूप लेने के चार साल के अंदर मुस्लिम भाइयों को पता चल जाएगा कि यह कानून उनके फायदे में हैं। उन्होंने द्रमुक सदस्यों पर निशाना साधते हुए कहा कि विधेयक का विरोध कर वे दक्षिण (भारत) के सासंद अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र में मौजूद सारे चर्च को नाराज कर रहे हैं।’’
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