कोरोना से मत डरो, कुरआन में हर बीमारी का इलाज
March 20, 2020 • MOHD. IQBAL HASAN

- मदरसा रोजातुल कुरआन में आयोजित जलसे में उलमा का खिताब

- 24 बच्चों को दस्तारबंदी कर कराई गई अमन-चैन की दुआ

कैराना। मदरसा रोजातुल कुरआन में आयोजित जलसे के दौरान उलमाओं ने कहा कि कोरोना वायरस से सारी दुनिया कांप रही है। मुसलमानों को इससे डरने की जरूरत नहीं हैं। पवित्र कुरआन में हर बीमारी का इलाज मौजूद हैं। उन्होंने दीन की राह पर चलने का भी आह्वान किया है।
    बृहस्पतिवार देर रात नगर के रामडा रोड पर स्थित प्रसिद्ध मदरसा जामिया रोजातुल कुरआन में विशाल जलसे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राजस्थान से पहुंचे मौलाना इस्माईल ने कहा कि इस्लाम धर्म किसी भी मजहब के लोगों पर अत्याचार की इजाजत नहीं देता है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज जो पिछड़ेपन का शिकार है, उसकी मुख्य वजह शिक्षा से दूरी है। समाज में फैली कुरीतियों को दूर कर हमें अपनी नस्लों को उच्च शिक्षा दिलानी चाहिए।

      प्रख्यात आलिम-ए-दीन मौलाना मेराजुल हसन कांधलवी ने कहा कि यूट्यूब की दुनिया कह रही है कि 29 अप्रैल को दुनिया खत्म हो जाएगी। हमें इन सब बातों को दरकिनार करते हुए अपने ईमान पर मजबूत रहना है और अल्लाह का जिक्र करते रहना चाहिए। उन्होंने समाज को अल्लाह से लौ लगाने की नसीहत की।

       अध्यक्षीय संबोधन में मुरादाबाद से आए मुफ्ती शुऐब ने कहा कि कुरान तमाम इंसानियत के लिए हिदायत बनाकर भेजा गया है। कुरआन की हिदायत पर चलकर दुनिया व आखिरत में कामयाबी संभव है। हमें ऐसा काम करना चाहिए, जिससे अल्लाह हमसे राजी हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों की गलती माफ करने वाला शख्स जन्नती कहलाया जाता है।

    मौलाना इलियास ने कहा कि दुनियाभर में एक बीमारी आई है, करोना। हम कहें डरोना। इस बीमारी से दुनिया भले ही कांप रही हो, लेकिन हमें डरने की जरूरत नहीं है। पवित्र कुरआन में हर मर्ज इलाज है। कुरआन की सूरा ‘फातिहा’ में सिवाए मौत से सब बीमारियों का इलाज है। उन्होंने कहा कि मौत आनी है, जिस हालत और जिस बीमारी में रब ने मौत लिख दी, वो आनी बहरक है।

      सहारनपुर से आए मुफ्ती महमूद आलम ने लोगों से अपनी नई नस्लों को शिक्षित बनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान उलमाओं द्वारा मदरसे में अध्ययनरत 24 बच्चों को दस्तारबंदी की, जिनमें 15 बालिकाएं शामिल हैं।         कार्यक्रम का कुशल संचालन कारी अरशद द्वारा किया गया। मुफ्ती महमूद आलम की अमन-चैन व खुशहाली की दुआ पर कार्यक्रम का समापन हुआ।

        अंत में मदरसे के मोहतमिम कारी कासिम ने सभी अतिथियों व आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर मौलाना आबिद रशीदी, मौलाना इलियास, मौलाना मोहसिन, मुफ्ती खालिद, मुफ्ती शहजाद, मुफ्ती अतहर शम्सी, कारी मंसूर, कारी अरशद, कारी जावेद, कारी अब्दुल रहमान, हाजी यासीन उर्फ मांगा, नौशाद सभासद, मुरसलीन अंसारी, मुजफ्फरनगर से डाॅ. जीशान, डाॅ. इंतजार, मास्टर शाहिद, हाजी इसरार अंसारी आदि मौजूद रहे।