माह-ए-रमजान को लेकर डीएम ने ली मुस्लिम धर्मगुरुओं की बैठक
April 22, 2020 • MOHD. IQBAL HASAN
शामली । जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) को मद्देनजर रखते हुए आगामी रमजान के त्योहार को कुशलता पूर्वक भली-भांति संपन्न कराए जाने हेतु विभिन्न मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ बैठक आयोजित की गई।
           बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने सभी मुस्लिम धर्म गुरुओं से कहा कि कहीं पर भी सामूहिक नमाज अता नहीं की जाएगी।उन्होंने सभी मुस्लिम धर्मगुरुओं से कहा कि जिस जिस प्रकार आप सभी द्वारा अब तक सहयोग प्रदान किया गया है। इसी प्रकार से रमजान का त्यौहार भी सकुशल संपन्न होना चाहिए।जिलाधिकारी ने समस्त धर्म गुरुओं के सुझावों को सुनते हुए सभी धर्मगुरुओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि रमजान के दौरान आपको सभी आवश्यक सामग्री प्रशासन द्वारा मुहैया कराई जाएगी।यह जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है।
     जिलाधिकारी ने समस्त मुस्लिम धर्म गुरुओं से यह भी कहा कि रमजान त्योहार के सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए हुए अपने अपने घरों में बैठकर ही नमाज पढ़े।ओर अपने-अपने घरों के अंदर ही रहे।इस पर समस्त धर्मगुरुओं ने सहमति जताई व फैसला लिया कि हम सभी अपने-अपने घरों में ही सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्णतया पालन करते हुए नमाज मुकम्मल करेंगे,ओर हम सभी लोग लाकडाउन का पूरी तरह से पालन करेंगे।
       बैठक में जिलाधिकारी ने सभी मुस्लिम धर्मगुरुओं से यह भी कहा कि वह अपने अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों को बताएं कि वह घर से बाहर ना निकले लॉक डाउन का पालन करें,और जो लोग संपर्क में आए हैं,उसकी जानकारी प्रशासन को दें ताकि उसकी टेस्टिंग कराई जा सके। उन्होंने कहा कि लोकडाउन के महत्व को समझें और उसका गंभीरता से पालन करें।और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अच्छे से अपने त्योहार को मनाए।।           
       बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने उपस्थित सभी धर्म गुरुओं से कहा कि कहीं पर भी सामूहिक नमाज अदा न  की जाए।शांति व्यवस्था बनाए रखें।भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों का पालन किया जाए यदि आपको किसी भी सामग्री की आवश्यकता हो तो उसकी जानकारी दी जाए वह आप तक समय से अवश्य पहुंचाई जाएगी।।       
     इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अरविंद कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक राजेश श्रीवास्तव, अब्दुल गफ्फार चेयरमैन नगर पंचायत जलालाबाद, मोहम्मद नौशाद चेयरमैन झिंझाना, मौलाना ताहिर पेश इमाम जामा मस्जिद कैराना सहित आदि मुस्लिम धर्मगुरु मौजूद रहे।