सूचना मिलते ही मदद को दौड़ते हैं अंजुमन के खैरख्वाह
April 18, 2020 • MOHD. IQBAL HASAN

 

- लॉकडाउन में अबतक तीन हज़ार घरों में पहुंचाई राशन किट

- अंजुमन के दस सदस्य सेवाभाव में जुटे

कैराना। सामाजिक संस्था अंजुमन खिदमत-ए-खल्क लॉकडाउन में गरीब एवं असहाय ज़रूरतमंद लोगों की निःस्वार्थ भाव से सेवा कर रही है। एक सूचना मिलते ही अंजुमन के खैरख्वाह राशन लेकर घर पहुंच जाते हैं। अब तक ऐसे करीब तीन हज़ार लोगों को अंजुमन राशन किट दे चुकी है। अंजुमन के इसी सेवाभाव को देखते हुए हर कोई मुक्तकंठ से प्रशंसा करता नजर आता है।
   वैश्विक महामारी कोरोना के चलते देशभर में लॉकडाउन चल रहा है। एक ओर जहां कोरोना के खिलाफ जंग लड़ी जा रही है, वहीं सामाजिक संस्था गरीब एवं बेसहारा लोगों को घरों तक राशन पहुंचाने का काम कर रही है। समाजसेवा में अग्रणी एकमात्र कैराना की प्रसिद्ध सामाजिक संस्था अंजुमन खिदमत-ए-खल्क भी निःस्वार्थ भाव से सेवा में जुटी है। अंजुमन के सदर हाजी नसीम मंसूरी बताते हैं कि अंजुमन अपने खर्च पर अब तक करीब तीन हज़ार गरीब, निर्धन एवं असहाय लोगों के घरों तक राशन किट पहुंचा चुकी है। उनके सेवाभाव को देखते हुए पिछले दिनों विधायक नाहिद हसन ने भी अंजुमन को अपनी ओर से राशन किट वितरित करने की ज़िम्मेदारी भी दी थी। अंजुमन को जहां से सूचना मिलती है, वहां सदस्य घर राशन लेकर पहुंच जाते हैं। इसके लिए अंजुमन के जिम्मेदारों ने दस सदस्यों को लगाया है। इतना ही नहीं, अंजुमन लोगों से घरों पर ही रहने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने तथा मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग करने की भी अपील करती है। अंजुमन के सदर हाजी नसीम मंसूरी का कहना है कि उनका उद्देश्य निःस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करना है। अंजुमन के पास तमाम रिकॉर्ड भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा करते रहेंगे। यही हमारे लिए सबसे बड़ा पूण्य का कार्य है। उन्होंने बताया कि अंजुमन सभी वर्गों को एक नज़र से देखती है, कभी किसी की मदद करने में भेदभाव नहीं किया है। दोनों समाज के लोगों की मदद अंजुमन करती है।
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तस्वीर नहीं लेती है अंजुमन
लॉकडाउन में गरीब एवं असहाय लोगों की सेवा खूब की जा रही है। लेकिन, ऐसा भी देखने में आता रहा है कि कुछ लोग इक्का-दुक्का लोगों को राशन देकर उन्हें सोशल मीडिया पर खूब वायरल करते हैं। अंजुमन के सदर हाजी नसीम बताते हैं कि वह किसी की सेवा करते हुए कभी तस्वीर नहीं लेती है, क्योंकि ऐसा करना सेवा नहीं होता, बल्कि उन लोगों को जलील करना होता है। हम काम ईश्वर की रजा के लिए कर रहे हैं।
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गरीब के लिए कराया कफ़न का इंतज़ाम
गत दिनों एक गरीब व्यक्ति का निधन हो गया था, जिसके परिवार के पास में कफ़न तक का कोई इंतजाम नहीं था। इसके बाद अंजुमन ने कफ़न की व्यवस्था कराई।
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